क्षमता की परीक्षा
यहाँ किसी जवाब को सही या ग़लत नहीं गिना जाता। न कोई पहेली दी जाती है, न शब्दों वाला सवाल, न समय की सीमा: पूछा सिर्फ़ यह जाता है कि क्या अच्छा लगता है और किससे मन हटता है। अपनी रुचि की अपनी ही ख़बर से क्षमता तौली नहीं जा सकती। कठिन सवालों में मज़ा आना और उन्हें हल कर लेना इतनी बार अलग होते हैं कि इनके लिए दो शब्द चाहिए।